Palamu Fire News : लाखों की संपत्ति खाक, पीड़ित परिवार बेघर
Palamu Fire News : डंडार कला ग्राम पंचायत अंतर्गत शेहरा गांव में शनिवार दोपहर करीब 2 बजे एक भीषण अग्निकांड में लाखों रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई। आग की शुरुआत राजेश महतो के आवास से हुई, जहां देखते ही देखते लपटों ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया।ग्रामीणों के अनुसार, अचानक धुएं के गुबार उठते देख अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि बचाव का मौका तक नहीं मिला। इस हादसे में पीड़ित परिवार के लगभग ₹20,000 नकद, एक गोदरेज अलमारी, जरूरी दस्तावेज, कई क्विंटल अनाज और अन्य घरेलू सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया।
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बारिश के इस मौसम में परिवार अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। आग लगने के कारणों का अब तक कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट की संभावना जताई जा रही है। ग्रामीणों ने सामूहिक प्रयास से आग पर काबू पाने की भरसक कोशिश की, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण नुकसान को नहीं रोका जा सका।
घटनास्थल पर AISA के राज्य सचिव त्रिलोकी नाथ, गुड्डू भुइयां, पंचायत सचिव अरुण प्रजापति, वार्ड सदस्य सुरेंद्र महतो, उप मुखिया प्रेम मोची समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि आपदा राहत कोष से पीड़ित परिवार को तुरंत आर्थिक सहायता प्रदान की जाए और प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) या अन्य स्थायी योजना के तहत उन्हें पक्का मकान उपलब्ध कराया जाए। इस घटना ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। प्रशासनिक तंत्र की तत्परता और संवेदनशीलता अब अग्निपीड़ित परिवार के भविष्य की दिशा तय करेगी।
डीआईजी ने पांकी थाना का किया औचक निरीक्षण, दिए कई अहम निर्देश
पलामू रेंज के पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) नौशाद आलम ने रविवार को पांकी थाना परिसर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन और कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने को लेकर दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के समय पांकी की पुलिस निरीक्षक पूनम टोप्पो के नेतृत्व में डीआईजी को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। निरीक्षण के क्रम में डीआईजी आलम ने थाना परिसर में पदस्थापित अधिकारियों और जवानों की वर्दी, अनुशासन और टर्नआउट की जांच की। इसके साथ ही उन्होंने थाना रजिस्टर और अभिलेखों का अवलोकन करते हुए उसमें पाई गई खामियों को शीघ्र दुरुस्त करने का निर्देश दिया।
उन्होंने विशेष रूप से आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी निपटारा सुनिश्चित करने की बात कही। डीआईजी ने थाने को निर्देशित किया कि वरीय अधिकारियों और पुलिस मुख्यालय से प्राप्त आदेश-पत्रों को प्रत्येक कर्मी तक पहुँचाया जाए और उनकी एक प्रति गार्ड फाइल में सुरक्षित रखी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल, कॉलेज व भीड़भाड़ वाले स्थानों पर गश्ती को प्रभावी बनाया जाए और असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए।
मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए छापेमारी तेज करने और साथ ही जन-जागरूकता अभियान चलाने की बात भी डीआईजी ने कही। उन्होंने लंबित कांडों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने का निर्देश दिया। इस मौके पर पांकी, पिपराटांड, लेस्लीगंज और सतबरवा थाना प्रभारियों की उपस्थिति रही। निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में डीआईजी ने बताया कि “थाना की व्यवस्थाएं सामान्यतः संतोषजनक पाई गई हैं। कुछ कमियों की पहचान की गई है, जिन्हें सुधारने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।” उन्होंने पुलिस बल को ‘जन-संवेदनशील’ (पीपुल फ्रेंडली) बनकर काम करने और जनता के साथ समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया।






