AJSU Press Conference (JKJ News) : आज धनबाद के टाउन हॉल में हजारों की तादाद में विभिन्न क्षेत्र से विभिन्न विधानसभा से लोगों ने आज AJSU पार्टी का दामन थामा है। जिममें JLKM (झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा) के कार्यकर्ता भी थे। AJSU प्रमुख सुदेश महतो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया और कहा कि मेरे पार्टी में कई साथियों का घर वापसी हुई है। कई हेल्थ सेक्टर में काम करने वालों लोगों ने भी अपना योगदान संगठन के अंदर में दिया है। एक सशक्त राजनीतिक वातावरण तैयार करने के लिए दुर्गामीं सोच के साथ एक यहां की बुनियाद और यहां के लोगों का भविष्य का निर्धारण को एक आधार बनाते हुए एक बड़े स्वरूप में एक वैचारिक राजनीति और क्रांति को त्याग करने की जोर-जोर चल रही है। और इसलिए यह कार्यक्रम है।
धनबाद को आर्थिक राजधानी कहा जाता है। लेकिन यही के मजदूर जो है दाब के मर रहे हैं – सवाल
जवाब – मैं अभी सारी चीजों को बड़ा स्पष्ट कहा है कि अगर इसको देखने का तरीका बदल जाए तो ऐसी घटनाओं को नरसंहार कहा जाता है। यह एक प्रायोजित हत्या है अगर यह जान रहे हैं कि ऐसी स्थिति है चल धंस सकते हैं ऐसी घटाएं घट सकती है। अगर कोई एक्सीडेंट होता है तो वह बात समझ में आता है लेकिन अगर यह लगातार इस तरह की घटनाएं अवैध जो कोयल के क्षेत्र में हो रहा है तो इसके कारण यहां के लोकल शासन को भी और जो सीसीएल BCCL के अधिकारी को भी इसके बारे में पता है। इसके बाद भी अगर यह घटना घट रही है तो इसके में जिम्मेदार कौन होंगे यह जिम्मेदारी उन्हें तो लेनी पड़ेगी।
आखिर विपक्ष है विकास को कहां देखते हैं – सवाल
जवाब – देखो विपक्ष को कहां देखते हैं इसकी तुलना ना करो विषय सबसे ज्यादा जरूरी है विपक्ष हम हैं। आपके सामने हम आपके सामने हैं प्रत्यक्ष रूप से और जिन मुद्दों को सरकार छोड़ रही है। जिन मुद्दों पर लोगों ऐसी ही घटना पर और दुर्घटना के गहराई पर नहीं जा रहे हैं इतनी बड़ी घटना को वह आम घटना की तरह वो मैसेज दे रहे हैं। यह एक बड़ी बात है इन चीजों का निकाला जाएगा खंगाला जाएगा और लोगों की नजर में और सारे एजेंसी के सामने लाया जाएगा।
सूर्या हांसदा के एनकाउंटर पर सुदेश महतो ने कहा
मैंने कहा था कि मेरा रिएक्शन आया था तब मैं आज फिर दोहरा रहा हूं कि इस राज्य में एक उग्रवादी के लिए एक पॉलिसी बनी राज्य में पॉलिसी बनी जहां आत्मसमर्पण की योजनाएं खड़ी रखी गई। बड़े-बड़े अपराधी या फिर उग्रवादियों ने उसके तहत योजना का योजना के तहत उन्हें सरेंडर कराया गया। वह आज आम जिंदगी जी रहे हैं। तो क्या सूर्या के साथ भी ऐसा हुआ था क्या? ऐसी कोशिश हुई थी। मैंने सरकार से यही जानना चाहा था। हमने यहां से लेकर मानव अधिकार तक में हम लोगों ने आगे बढ़ा और हम न्याय चाहते हैं। गवर्नमेंट की सीआईडी इसका जांच नहीं कर सकती है क्योंकि सीआईडी उसी के अधीनस्थ एजेंसी हैं और सीआईडी आज तक इस रूप से कोई कारगर ऐसा काम नहीं की है। जिसको हम मान सकते हैं और जिस पर विश्वास किया जा सकता है।
एनडीए के पार्ट हैं बिहार चुनाव को लेकर क्या राय है
बिहार में बिहार का चुनाव को लेकर पार्टी के अंदर में अभी कोई चर्चा अभी नहीं है। अगर ऐसी कोई चर्चा बनेगी तो हम आपके पास आएंगे।
सिंदरी विधानसभा में प्रशासन के मौजूदगी में लोगों को पीटा गया था। किसी बाहरी गुंडो के माध्यम से क्या कहेंगे
तो आगे AJSU प्रमुख ने कहा कि ऐसी घटनाएं कई हैं । मैं एक का उल्लेख नहीं कर सकता। इससे पहले ऐसे कई घटनाएं लगातार पुलिसिया दबिश यहां पर बना हुआ है और लगातार पुलिस के दबिश के आधार पर आंदोलन को कुचला जा रहा है। लोगों की आवास को दबाया जा रहा है इन सभी चीजों पर वैचारिक रूप से हमने कहा कि एक बड़ी तैयारी करनी होगी। गांव घर के लोगों को शहर इकाई के लोगों को एक मत करना पड़ेगा और 90 के दशक की इस तरह एक बड़ा आंदोलन है। यहां के हक और हुकुम के लिए करना पड़ेगा।
कंपनी के लचर व्यवस्था से जादू महतो ने आत्महत्या किया है।
AJSU प्रमुख ने आगे कहा मैंने उसको देखा था और उनका एक वीडियो सुना था मैंने तो इसकी जांच का विषय है। यह डीसी देंगे जवाब। DC इसका जवाबदेही है। वह किस अवस्था में वह कहां नौकरी कर रहे थे और नौकरी करते हुए अगर उनके साथ उनके खिलाफ कोई अत्याचार हुआ तो आना चाहिए और समय अवधि के अंदर आना चाहिए कोई भी जांच की अवधि होनी चाहिए ना यहां कोई जांच तो बोला जाता है और घटना के बाद जांच कमेटी बनती है। लेकिन जांच कमेटी का परिणाम आपको नहीं मिलती
लगातार यह एक जो हमारा अनुसूचित जाति के संदर्भ में है जो हमारा डिमांड है यह अभी का नहीं है लगातार अलग-अलग रूप से अलग-अलग संस्थाएं कंई कमिटि चल सकती है। लोग अपनी बात रख सकते हैं अगर इस देश के गठन के पूर्व में जो साक्ष्य और आधार है उसे आधार पर कोई समाज अपना डिमांड करता है तो वह कोई गलत डिमांड नहीं है। मुझे लगता है कि विलंब हो रहा है इस समाज के साथ न्याय करने में।





