चतरा (झारखंड):
दिनांक 12/02/2026 को लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत माननीय सांसद Kalicharan Singh ने भारत सरकार का ध्यान अपने संसदीय क्षेत्र चतरा स्थित पावन तीर्थ इटखोरी की ओर आकृष्ट कराया।

सांसद ने कहा कि इटखोरी केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और सांस्कृतिक समन्वय का अद्भुत संगम है। यहाँ विराजमान माँ भद्रकाली की पावन भूमि हिन्दू, जैन एवं बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए समान रूप से श्रद्धा का केंद्र है। यह स्थल अपनी प्राचीन मूर्तिकला, समृद्ध पुरातात्विक धरोहर और आध्यात्मिक विरासत के कारण राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विशिष्ट पहचान रखता है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 से राज्य सरकार द्वारा आयोजित इटखोरी महोत्सव ने इस ऐतिहासिक धरोहर को नई पहचान दी है। महोत्सव में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु एवं पर्यटक शामिल होते हैं, जिससे स्थानीय कला, संस्कृति, पर्यटन और रोजगार को निरंतर प्रोत्साहन मिल रहा है।
इटखोरी की ऐतिहासिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता को ध्यान में रखते हुए सांसद ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इटखोरी महोत्सव को “राष्ट्रीय महोत्सव” घोषित करने पर सकारात्मक विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे इस पावन स्थल का सुनियोजित एवं समग्र विकास संभव होगा, अधिक पर्यटकों का आगमन बढ़ेगा तथा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को सशक्त आधार मिलेगा सांसद ने दोहराया कि उनका निरंतर प्रयास है कि चतरा लोकसभा क्षेत्र की समृद्ध विरासत को राष्ट्रीय मंच पर सम्मानजनक स्थान मिले और क्षेत्र विकास की नई ऊँचाइयों को स्पर्श करे।




