KCC Loan : पांकी में जागरूकता अभियान, सैकड़ो किसानों ने किया आवेदन
KCC Loan ( JKJ News) : दिनांक 6 जनवरी 2026 को पांकी प्रखंड में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण को लेकर एक व्यापक जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को केसीसी योजना की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना तथा कृषि कार्यों में आर्थिक मजबूती प्रदान करना था।
अभियान के दौरान अधिकारियों एवं बैंक प्रतिनिधियों ने किसानों को बताया कि केसीसी ऋण किसानों के लिए सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके माध्यम से कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। किसानों को जानकारी दी गई कि केसीसी ऋण 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर दिया जाता है, जिसमें सरकार द्वारा 3 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाती है। समय पर ऋण भुगतान करने पर किसानों को ब्याज में अतिरिक्त राहत भी मिलती है, जिससे खेती की लागत काफी हद तक कम हो जाती है।
कार्यक्रम में मौजूद किसानों को यह भी बताया गया कि केसीसी ऋण से बीज, खाद, कीटनाशक, कृषि यंत्र, सिंचाई व्यवस्था सहित अन्य कृषि जरूरतों को आसानी से पूरा किया जा सकता है। अधिकारियों ने कहा कि केसीसी योजना से किसानों को साहूकारों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और उन्हें समय पर पूंजी उपलब्ध हो जाती है, जिससे फसल उत्पादन में वृद्धि होती है।
KCC Loan अभियान से किसानों में दिखा उत्साह
इस जागरूकता अभियान में सैकड़ों किसानों की उपस्थिति रही, जिसमें किसानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान ही कई किसानों ने केसीसी ऋण के लिए आवेदन पत्र भरकर जमा किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि किसानों में इस योजना को लेकर विशेष रुचि और उत्साह है। किसानों ने बताया कि इस प्रकार के जागरूकता अभियान से उन्हें योजनाओं की सही जानकारी मिलती है और बैंक से जुड़ने में सुविधा होती है।
अभियान को सफल बनाने में प्रखंड कृषि पदाधिकारी (बीएओ) जयप्रकाश, बीटीएम शशि रंजन कुमार तथा भारतीय स्टेट बैंक के केसीसी ऋण स्टाफ दिलीप जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अधिकारियों ने किसानों को आश्वस्त किया कि पात्र किसानों को केसीसी ऋण दिलाने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।
अंत में अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में केसीसी योजना का लाभ उठाएं, समय पर ऋण का भुगतान करें और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि करें। कार्यक्रम के समापन पर किसानों ने इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता अभियान आयोजित करने की मांग की।






