रिपोर्ट: शत्रुध्न कुमार सिंह
Jharkhand Government School (JKJ News) : पलामू जिले के पांकी प्रखंड अंतर्गत बिहार गांव स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय की स्थिति अत्यंत ही चिंताजनक है। विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है, विशेषकर शौचालय व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। वर्षों से मरम्मत न होने के कारण शौचालय खंडहर में तब्दील हो गया है, जिसमें केवल गंदगी और कचरा भरा पड़ा है।
विद्यालय में सैकड़ों छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चियाँ भी शामिल हैं। परंतु शौचालय उपयोग के लायक नहीं होने के कारण छात्रों को आज भी खुले में शौच जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यह न केवल स्वास्थ्य के लिए घातक है, बल्कि बालिकाओं की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
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प्रशासन और प्रबंधन की चुप्पी | Jharkhand Government School
स्थानीय लोगों के अनुसार, विद्यालय प्रबंधन और प्रशासन दोनों इस गंभीर स्थिति के प्रति उदासीन हैं। न तो परिसर में किसी प्रकार की सफाई व्यवस्था है और न ही सुरक्षा की कोई निगरानी। विद्यालय की दीवारें गोबर के दागों से सनी हुई हैं, चारों ओर गंदगी फैली रहती है और परिसर में हरियाली या पौधों का नामोनिशान नहीं है।
सबसे गंभीर बात यह है कि विद्यालय परिसर से शराब की खाली बोतलें बरामद हुई हैं, जो न केवल लापरवाही का प्रतीक है, बल्कि बच्चों के लिए अत्यंत असुरक्षित वातावरण का संकेत भी है।
केवल “हाजिरी की खानापूर्ति”
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में केवल उपस्थिति दर्ज करने तक ही सारा कार्य सीमित है। बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और सुविधाओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यह स्थिति राज्य सरकार और शिक्षा विभाग के लिए अत्यंत शर्मनाक है।
जनहित में ग्रामीणों की मांग:
1. शौचालय की मरम्मत: विद्यालय में शौचालय की मरम्मत तत्काल कराई जाए, ताकि छात्र-छात्राओं को बुनियादी सुविधा मिल सके।
2. चारदीवारी का निर्माण: विद्यालय परिसर को सुरक्षित बनाने के लिए बाउंड्री वॉल का निर्माण अनिवार्य है।
3. स्वच्छता व्यवस्था: परिसर की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, जिससे बच्चों को स्वच्छ वातावरण मिल सके।
4. हरियाली एवं सौंदर्यीकरण: पौधारोपण कर विद्यालय को हरित और आकर्षक बनाया जाए, साथ ही दीवारों की सफाई कर स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
यदि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर पड़ेगा। यह मामला केवल एक विद्यालय की उपेक्षा नहीं, बल्कि हमारे संपूर्ण शिक्षा तंत्र की विफलता को उजागर करता है।
वज्रपात से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत
पलामू जिले के पांकी प्रखंड अंतर्गत ग्राम जोलहबीघा में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की वज्रपात से असामयिक व दुखद मृत्यु से क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। यह हृदयविदारक घटना पूरे इलाके को स्तब्ध कर गई है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह घटना अत्यंत पीड़ादायक परिस्थितियों में घटित हुई, जिसके कारण पूरा गाँव शोकमग्न है। सांसद प्रतिनिधि ने जताया दुख, किया मौके का दौरा
घटना की जानकारी मिलते ही माननीय सांसद श्री कालीचरण सिंह जी के निर्देश पर जिला सांसद प्रतिनिधि श्री ललित कुमार मेहता जी तत्काल प्रभावित क्षेत्र पहुँचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की और उन्हें ढांढस बंधाया। सांसद प्रतिनिधि ने स्पष्ट किया कि सांसद महोदय स्वयं इस घटना से अत्यंत मर्माहत हैं और पीड़ित परिवार के साथ हरसंभव सहयोग देने के लिए कटिबद्ध हैं।
एम.एम.सी.एच. पलामू में हुआ पोस्टमार्टम
घटना के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत तीनों शवों को पलामू स्थित मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एम.एम.सी.एच.) भेजा गया, जहाँ चिकित्सकों की देखरेख में शवों का पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है, जिसके बाद ही मृत्यु के कारणों की सटीक जानकारी मिल सकेगी।
शोक और संवेदना की लहर
इस हृदयविदारक घटना से पूरे प्रखंड में शोक की लहर है। जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम जनता ने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। लोग बड़ी संख्या में परिजनों से मिलने पहुँच रहे हैं और सांत्वना दे रहे हैं।
सांसद कार्यालय द्वारा सहायता का आश्वासन
सांसद प्रतिनिधि श्री ललित कुमार मेहता ने बताया कि पीड़ित परिवार को हरसंभव सरकारी सहायता दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। संबंधित अधिकारियों से भी संपर्क कर आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया गया है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वे दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति दें।









