शत्रुध्न सिंह/ JKJ NEWS
13/08/2026
पलामू। झारखंड राज्य आजीविका चतुर्थवर्गीय कर्मचारी संघ ने अपने लंबित एवं जायज मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत कर दी है। संघ के अनुसार 13 अगस्त से आंदोलन शुरू किया गया है। 13, 14 और 16 अगस्त को राज्यभर के ऑफिस अटेंडेंट, हाउस कीपर और ऑफिस बॉय काला बिल्ला लगाकर विरोध दर्ज कराएंगे।
संघ ने घोषणा की है कि 18 अगस्त 2026 को झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS), ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड सरकार के राज्य कार्यालय, स्मार्ट सिटी धुर्वा, रांची के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों की मांगों से संबंधित ज्ञापन मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, JSLPS को सौंपा जाएगा।
संघ का कहना है कि यदि 18 अगस्त तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो राज्य स्तर पर निर्णय के अनुसार अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। संघ ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री और ग्रामीण विकास विभाग को दी गई सूचना
संघ के मुताबिक आंदोलन एवं प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल की सूचना मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, ग्रामीण विकास विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव तथा JSLPS के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी को दी जा चुकी है।
संघ के महासचिव भरत उरांव, अध्यक्ष श्याम लाल पासवान, सचिव रिंकू कुमार सहित मुकेश कुमार, सरिता कुमारी, वीणा देवी, राहुल कुमार, बलराम कुमार, तैयब और कृष्ण डे समेत अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों की मांगों पर लंबे समय से सरकार और विभाग से आग्रह किया जा रहा है।
450 रुपये प्रतिदिन मानदेय पर जताई नाराजगी
संघ का दावा है कि JSLPS में हाउस कीपर, ऑफिस बॉय और ऑफिस अटेंडेंट संवर्ग के करीब 240 कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से 8 ऑफिस अटेंडेंट को पूर्व में मानव संसाधन नियमावली के लेवल एल-8 में जोड़ा गया है और उन्हें करीब 18 हजार से 25 हजार रुपये तक मानदेय दिया जा रहा है।
वहीं, संघ के अनुसार शेष 232 कर्मचारियों को केवल 450 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय दिया जा रहा है और भुगतान कार्य दिवस के आधार पर होता है। संघ ने इसे बढ़ती महंगाई के दौर में अपर्याप्त बताते हुए समान व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
संघ का यह भी कहना है कि इन कर्मचारियों को नियमित अवकाश और महिला कर्मचारियों को विशेष अवकाश जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। लंबे समय से सेवा देने के बावजूद स्थायी समायोजन नहीं किए जाने पर भी कर्मचारियों में नाराजगी है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
संघ ने हाउस कीपर, ऑफिस बॉय और ऑफिस अटेंडेंट संवर्ग के लिए कई मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
न्यूनतम 25 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने की मांग।
संवर्ग को मानव संसाधन नियमावली के लेवल एल-8 में शामिल करने की मांग।
कर्मचारियों को FTE किए जाने की मांग।
लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों का स्थायी समायोजन करने की मांग।
कर्मचारियों को नियमानुसार अवकाश की सुविधा देने की मांग।
महिला कर्मचारियों को विशेष अवकाश की सुविधा देने की मांग।
मॉडल HR मैनुअल के आधार पर मानदेय में बढ़ोतरी की मांग।
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने दिया समर्थन
झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह ने भी इन कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि महासंघ की ओर से मुख्यमंत्री, ग्रामीण विकास विभाग की मंत्री, विभागीय सचिव और JSLPS के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी से कई बार वार्ता कर मांगों के समाधान का अनुरोध किया गया है।
सुनील कुमार साह के अनुसार, अब तक आश्वासन मिलने के बावजूद मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि मॉडल HR मैनुअल में भी संबंधित पदों का उल्लेख होने के बावजूद मानदेय में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं की गई है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि हाउस कीपर, ऑफिस बॉय और ऑफिस अटेंडेंट संवर्ग के कर्मचारियों के मानदेय में मॉडल HR मैनुअल के आधार पर बढ़ोतरी की जाए, उन्हें FTE किया जाए और स्थायी समायोजन की दिशा में कार्रवाई की जाए।
18 अगस्त से पहले समाधान की उम्मीद
महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह ने कहा कि उन्हें ग्रामीण विकास विभाग की मंत्री, विभागीय सचिव और JSLPS के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अनन्य मित्तल पर पूरा विश्वास है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 18 अगस्त से पहले कर्मचारियों की जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि JSLPS के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के साथ इस विषय पर बातचीत भी हुई है। वहीं, झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने 13 अगस्त को काला बिल्ला लगाकर ऑफिस बॉय, ऑफिस अटेंडेंट और हाउस कीपर कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन किया।
नोट: यह खबर संघ और महासंघ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में किए गए दावों एवं बयानों पर आधारित है। संबंधित विभाग/JSLPS का पक्ष इस प्रेस विज्ञप्ति में उपलब्ध नहीं है।





